Chapter 10: परीक्षा
प्रेमचंद की इस कहानी में बूढ़े दीवान सुजानसिंह नए दीवान की खोज करते हैं, और असली परीक्षा तब होती है जब किसी को पता ही नहीं होता। कहानी अपनी किताब “मल्हार” में पढ़िए, फिर इन विषयों से घटनाएँ, शीर्षक, मन के भाव, विपरीतार्थक शब्द और कहावतें समझिए।
In this chapter you will
- कहानी की घटनाएँ क्रम से सुनाना
- अच्छा दिखने और अच्छा होने का अंतर समझना
- मन के भावों के नाम, विपरीतार्थक शब्द और कहावतें पहचानना
- विज्ञापन बनाना और वाद-विवाद में भाग लेना
Topics
- पढ़ें: दीवान की खोज NCERT पृ. 105–107
बूढ़े दीवान सुजानसिंह को ही नया दीवान खोजने का काम मिला।
- पढ़ें: असली परीक्षा और फ़ैसला NCERT पृ. 107–111
घायल जानकीनाथ ने किसान की गाड़ी कीचड़ से निकाली; किसान भेष में सुजानसिंह थे।
- पाठ से: शीर्षक, समस्या-समाधान और भाषा NCERT पृ. 112–116
स्वार्थ, मद, दया, साहस, ईर्ष्या जैसे शब्द मन के भावों के नाम हैं।
- पाठ से आगे: विज्ञापन, वाद-विवाद और परिधान NCERT पृ. 116–121
अच्छे विज्ञापन में ज़रूरी जानकारी कम शब्दों में, सुंदर ढंग से होती है।
Key words
- रियासत
- राजा का राज्य
- दीवान
- राज्य का प्रधान मंत्री
- नेकनामी
- अच्छी प्रसिद्धि
- आत्मबल
- मन की शक्ति
- सहानुभूति
- दूसरे के दुख को समझना
- कहावत
- अनुभव से बनी लोक-प्रचलित बात
Summary
- बूढ़े दीवान सुजानसिंह को नया दीवान खोजने का काम मिला।
- उम्मीदवार एक महीने तक अच्छा बनने का दिखावा करते रहे।
- घायल जानकीनाथ ने किसान (भेष में सुजानसिंह) की गाड़ी कीचड़ से निकाली।
- दया और आत्मबल के कारण जानकीनाथ दीवान बने: गहरे पानी पैठने से ही मोती मिलता है।