पाठ से आगे: दोहों का आनंद
Class 6 Hindi · Chapter 5: रहीम के दोहे · NCERT मल्हार section पृ. 49–50
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आपकी बात: सुई-तलवार वाले दोहे का भाव है: न कोई बड़ा, न कोई छोटा; हाथी हो या चींटी, सबकी अपनी उपयोगिता है। सुई जोड़ती है, तलवार काटती है। अब अपना मनपसंद दोहा (पाठ से या बाहर से) चुनिए और इसी शैली में उसका भाव अपने शब्दों में लिखिए।
सरगम: रहीम, कबीर, तुलसी, वृंद और बिहारी के दोहे आपने टीवी या रेडियो पर सुने होंगे। अब अपने दोस्तों के साथ दोहे गाइए और साधारण मोबाइल से उनकी रिकॉर्डिंग कीजिए; हो सके तो किसी वाद्य के साथ। फिर खुद सुनिए और दूसरों को सुनाइए।
दोहा अंत्याक्षरी: समूह में दोहे एकत्र कीजिए (पुस्तकालय, इंटरनेट, बड़ों की मदद से) और अंत्याक्षरी खेलिए: एक टोली जिस अक्षर पर दोहा खत्म करे, दूसरी टोली उसी अक्षर से शुरू होने वाला दोहा सुनाए। लोग अपनी बात पर ज़ोर देने के लिए आज भी दोहे सुनाते हैं।
दोहे की पहचान: दोहे में दो पंक्तियाँ होती हैं, हर पंक्ति के दो भाग (बीच में ठहराव), और दोनों पंक्तियों के अंत में तुक मिलती है (डारि-तलवारि, छिटकाय-जाय)। कम शब्दों में गहरी सीख, यही दोहे की शक्ति है। खोजबीन: रहीम के और दोहे पढ़िए।
खोजिए: दोहे की तुक।
- हर शब्द को उसकी तुक वाले शब्द से मिलाइए।
Remember
- दोहे में दो पंक्तियाँ, बीच में ठहराव और अंत में तुक होती है।
- दोहे गाकर, रिकॉर्ड करके और अंत्याक्षरी खेलकर उनका आनंद लीजिए।
Quick check
दोहे में कितनी पंक्तियाँ होती हैं?
- दो
- चार
- एक
- छह
Answer
दो. “दो-हा”: दो पंक्तियों की कविता।
Think about it
रहीम का कोई एक दोहा चुनकर उसका भाव तीन वाक्यों में लिखिए।
One answer
जैसे “रहिमन जिह्वा बावरी…”: जीभ बिना सोचे कुछ भी कह देती है। फिर वह तो मुँह में छिप जाती है। पर कड़वी बात का नुकसान हमें उठाना पड़ता है, इसलिए सोचकर बोलना चाहिए।
Practice
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