पढ़ें: असली परीक्षा और फ़ैसला
Class 6 Hindi · Chapter 10: परीक्षा · NCERT मल्हार section पृ. 107–111
Seekho
हॉकी का खेल: एक दिन नए फ़ैशन वाले उम्मीदवारों ने आपस में हॉकी खेलने की सोची। देवगढ़ में यह खेल अनोखा था, वहाँ पढ़े-लिखे लोग शतरंज-ताश खेलते थे। शाम तक ज़ोरदार खेल चला; सब पसीने से तर और थककर बेदम हो गए, पर हार-जीत तय नहीं हुई।
नाले में फँसी गाड़ी: मैदान के पास एक नाला था, जिस पर पुल नहीं था। अँधेरे में एक किसान अनाज से भरी गाड़ी लेकर आया, पर कीचड़ और ऊँची चढ़ाई के कारण गाड़ी ऊपर नहीं चढ़ पा रही थी; बोझ ज़्यादा था और बैल कमज़ोर। खिलाड़ी उधर से गुज़रे, उसे देखा भी, पर उनकी आँखों में सहानुभूति नहीं थी, बस स्वार्थ और घमंड था।
दया और साहस: उसी समूह में एक युवक था जिसके हृदय में दया और साहस था। खेल में उसके पैर में चोट लगी थी, फिर भी उसने डंडा रखा, कोट उतारा और किसान से कहा कि तुम बैलों को साधो, मैं पहिया ढकेलता हूँ। वह घुटने तक कीचड़ में धँस गया, पर हिम्मत नहीं हारी, और गाड़ी ऊपर चढ़ गई। किसान ने आशीर्वाद दिया कि दीवानी उसी को मिलेगी। युवक को शक हुआ: यह आवाज़ तो सुजानसिंह जैसी है! किसान मुस्कराकर बोला: “गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।”
दरबार का फ़ैसला: महीना पूरा हुआ और दरबार सजा। सुजानसिंह ने कहा कि इस पद के लिए ऐसा व्यक्ति चाहिए जिसके हृदय में दया और साथ में आत्मबल हो: उदार हृदय, और संकट का वीरता से सामना करने का साहस। उन्होंने पंडित जानकीनाथ को दीवान घोषित किया: जो स्वयं घायल होकर भी गरीब किसान की गाड़ी दलदल से निकाल दे, वह गरीबों को कभी नहीं सताएगा। रियासत के लोगों की आँखों में सत्कार था और उम्मीदवारों की आँखों में ईर्ष्या।
खोजिए: कहानी का क्रम।
- कहानी की घटनाएँ क्रम से लगाइए।
Yaad rakho
- घायल जानकीनाथ ने किसान की गाड़ी कीचड़ से निकाली; किसान भेष में सुजानसिंह थे।
- दीवान के लिए दया और आत्मबल चाहिए था: इसलिए जानकीनाथ चुने गए।
Quick check
वह किसान असल में कौन था?
- दीवान सुजानसिंह
- राजा
- जानकीनाथ का पिता
- एक उम्मीदवार
Answer
दीवान सुजानसिंह. भेष बदलकर वे असली परीक्षा ले रहे थे।
Socho
किनकी आँखों में सत्कार था और किनकी आँखों में ईर्ष्या? क्यों?
Ek answer
रियासत के कर्मचारियों और रईसों की आँखों में सत्कार था क्योंकि उन्हें अच्छा दीवान मिला; उम्मीदवारों की आँखों में ईर्ष्या थी क्योंकि वे पद नहीं पा सके।
Practice
Teen levels (easy, medium, hard) ke naye sawaalon se practice karo, kuch hands-on, hints aur hal ke saath. Topic poora karne ke liye pichhle 5 mein se 4 sahi karo.