कविता की रचना और शब्दों की बात
Class 6 Hindi · Chapter 11: चेतक की वीरता · NCERT मल्हार section पृ. 125–127
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तुकांत शैली: निराला-पाला, कोड़ा-घोड़ा, चालों-भालों, ढालों-करवालों, लहर-ठहर, निषंग-अंग-दंग-रंग: पंक्तियों के अंत के शब्द बोलने में मिलते-जुलते हैं। ऐसी कविता तुकांत कहलाती है; कुछ कविताएँ अतुकांत भी होती हैं।
शब्द के भीतर शब्द: “आसमान” के भीतर छिपे हैं: आस, समान, मान, सम, आन। ऐसे ही: सरपट → सर, पट; भयानक → भय, नक; मस्तक → मस्त, तक; करवाल → कर, वाल; चौकड़ी → कड़ी।
समानार्थी शब्द: हय, अश्व, तुरंग = घोड़ा। कुछ समूहों में एक शब्द अलग है: हवा-पवन-बयार के साथ अनल (आग) नहीं; रण-युद्ध-समर के साथ तुरंग (घोड़ा) नहीं; आसमान-आकाश-गगन के साथ नभचर (पक्षी) नहीं; नद-सरिता-तटिनी के साथ नाद (आवाज़) नहीं; करवाल-तलवार-असि के साथ ढाल नहीं।
प्रभावशाली प्रयोग: “हवा से लगाम हिली और घोड़ा भाग चला” जैसे प्रयोग कविता को असरदार बनाते हैं; यह अतिशयोक्ति (बढ़ा-चढ़ाकर कहना) है, जिससे चेतक की फुर्ती का चित्र बनता है। कविता में तुलना भी है: “बढ़ते नद-सा”, “बादल-सा”। कवि से परिचय: श्यामनारायण पाण्डेय (1907–1991) वीर रस के कवि थे; उनकी कृति “हल्दीघाटी” (1939) ने स्वतंत्रता सेनानियों में उत्साह भरा।
खोजिए: तुक मिलाइए।
- हर शब्द को उसके तुक वाले शब्द से मिलाइए।
Remember
- तुकांत कविता में पंक्तियों के अंत की ध्वनि मिलती है: कोड़ा-घोड़ा, चालों-भालों।
- हय, अश्व, तुरंग = घोड़ा; अनल = आग, नभचर = पक्षी, नाद = आवाज़।
Quick check
हवा, पवन, बयार, अनल: कौन-सा शब्द समानार्थी नहीं है?
- अनल
- हवा
- पवन
- बयार
Answer
अनल. अनल = आग।
Think about it
“घोड़ा” के तीन समानार्थी शब्द लिखकर एक वाक्य बनाइए।
One answer
हय, अश्व, तुरंग। वाक्य: “राणा का अश्व चेतक हवा से भी तेज़ दौड़ता था।”
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