Chapter 12: हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान
रामधारी सिंह “दिनकर” के इस यात्रा-वृत्तांत में वे नैरोबी के नेशनल पार्क के सिंहों को देखते हुए मॉरिशस पहुँचते हैं, जहाँ उन्हें हर ओर भारत की झलक दिखाई देती है। पाठ अपनी किताब “मल्हार” में पढ़िए, फिर इन विषयों से यात्रा-वृत्तांत की रचना, सर्वनाम, पत्र और देशों के समय के अंतर को समझिए।
In this chapter you will
- यात्रा की घटनाएँ और मॉरिशस की विशेषताएँ बताना
- यात्रा-वृत्तांत की विशेषताएँ पहचानना
- सर्वनाम पहचानना और संज्ञा से बदलना
- पत्र के हिस्से और देशों के समय का अंतर समझना
Topics
- पढ़ें: नैरोबी के सिंह NCERT पृ. 128–129
नैरोबी (केन्या) का नेशनल पार्क खुला जंगल है, चिड़ियाघर नहीं।
- पढ़ें: छोटा-सा हिंदुस्तान NCERT पृ. 129–132
मॉरिशस में 67% लोग भारतीय मूल के हैं; गलियों के नाम, भाषा, त्योहार और मंदिरों में भारत झलकता है।
- पाठ से: यात्रा-वृत्तांत की रचना और सर्वनाम NCERT पृ. 133–137
यात्रा-वृत्तांत में यात्रा का क्रम, स्थानों की जानकारी और लेखक के अनुभव होते हैं।
- पाठ से आगे: भाषाएँ, पत्र और समय का अंतर NCERT पृ. 138–144
मॉरिशस भारत से डेढ़ घंटा पीछे और नैरोबी से एक घंटा आगे है; पूर्व में सूरज पहले उगता है।
Key words
- यात्रा-वृत्तांत
- यात्रा में देखी-सुनी बातों का वर्णन
- नेशनल पार्क
- खुला संरक्षित जंगल जहाँ जानवर आज़ाद घूमते हैं
- रक्तचाप
- नसों में रक्त का दबाव
- क्रेयोल
- दो भाषाओं के मेल से बनी भाषा
- काँवर
- बाँस का डंडा जिसके सिरों पर जल की टोकरियाँ हों
- सर्वनाम
- संज्ञा की जगह आने वाला शब्द
Summary
- नैरोबी के नेशनल पार्क में सिंहों ने पर्यटकों की परवाह नहीं की; हिरन एक साथ गोल में खड़े रहे।
- मॉरिशस में 67% लोग भारतीय मूल के हैं; गलियों के नाम, भाषा और त्योहारों में भारत झलकता है।
- भारतीयों की मेहनत से गन्ने की खेती सफल हुई; शिवरात्रि पर गंगा-तालाब (परी-तालाब) का मेला लगता है।
- मॉरिशस भारत से डेढ़ घंटा पीछे है; सर्वनाम संज्ञा की जगह आते हैं।