पढ़ें: छोटा-सा हिंदुस्तान
Class 6 Hindi · Chapter 12: हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान · NCERT मल्हार section पृ. 129–132
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मॉरिशस में स्वागत: नैरोबी से शाम 4 बजे उड़ा जहाज़ 5 घंटे बाद मॉरिशस पहुँचा, तो वहाँ रात के लगभग 10 बजे थे। अँधेरा था, बारिश हो रही थी, फिर भी स्वागत में बहुत लोग खड़े थे। लेखक को लगा कि वे छोटे पैमाने पर भारत में ही आ गए हैं। मॉरिशस हिंद महासागर का मोती है: उसका कोई भी हिस्सा समुद्र से 15 मील से ज़्यादा दूर नहीं।
भारत की झलक: वहाँ की लगभग 67 प्रतिशत जनसंख्या भारतीय मूल की है। राजधानी पोर्ट लुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बम्बई हैं, और एक मोहल्ले का नाम काशी; वहाँ बनारस, गोकुल और ब्रह्मस्थान भी हैं। ज़्यादातर भारतीय बिहार और उत्तर प्रदेश से गए थे, इसलिए हिंदी का खूब प्रचार है। राजभाषा अंग्रेज़ी, संस्कृति की भाषा फ्रेंच, जनता की भाषा क्रेयोल, और दूसरी जनभाषा भोजपुरी (जिसमें फ्रेंच शब्द भी घुल गए हैं)।
मेहनत और संस्कृति: मॉरिशस कृषि-प्रधान है और चीनी वहाँ का प्रमुख उद्योग; लेखक कहते हैं कि ऊख (गन्ने) की खेती की सफलता भारतीयों की मेहनत से मिली, वे ही मॉरिशस की असली ताकत हैं। भारतीयों ने कठिनाइयाँ सहीं पर अपना धर्म और संस्कृति नहीं छोड़ी, और उस द्वीप को छोटा-सा हिंदुस्तान बना दिया। मॉरिशस जाकर पता चलता है कि भारतीय संस्कृति कितनी जीवंत और चिरायु है।
शिवरात्रि और परी-तालाब: हर प्रमुख गाँव में शिवालय है और रामचरितमानस का पाठ ढोलक-झाँझ पर होता है; मंदिर बहुत स्वच्छ हैं (लेखक चाहते हैं कि भारत में भी हम अपने तीर्थ ऐसे ही स्वच्छ रखें)। सबसे बड़ा पर्व शिवरात्रि है: लोग सफ़ेद कपड़े और गाँधी टोपी पहनकर, कंधों पर काँवर लिए, परी-तालाब से जल भरकर अपने गाँव के शिवालय में चढ़ाते हैं। लगभग 50 साल पहले इस झील का नाम गंगा-तालाब रख दिया गया।
खोजिए: यात्रा का क्रम।
- लेखक की यात्रा की घटनाएँ क्रम से लगाइए।
Remember
- मॉरिशस में 67% लोग भारतीय मूल के हैं; गलियों के नाम, भाषा, त्योहार और मंदिरों में भारत झलकता है।
- भारतीयों की मेहनत से गन्ने की खेती और चीनी उद्योग सफल हुए; शिवरात्रि सबसे बड़ा पर्व है।
Quick check
मॉरिशस की जनता आमतौर पर कौन-सी भाषा बोलती है?
- क्रेयोल
- केवल हिंदी
- केवल अंग्रेज़ी
- तमिल
Answer
क्रेयोल. दूसरी जनभाषा भोजपुरी है।
Think about it
मॉरिशस में लोगों ने गलियों के नाम कलकत्ता, बनारस, गोकुल जैसे क्यों रखे होंगे?
One answer
अपने देश और अपने शहरों की याद बनाए रखने के लिए; दूर देश में बसकर भी वे अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहते थे।
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