पढ़ें: कविता का भाव
Class 6 Hindi · Chapter 3: पहली बूँद · NCERT मल्हार section पृ. 25–26
Learn
पढ़ने से पहले: गर्मी के लंबे दिनों के बाद जब पहली बारिश होती है, तो कैसा लगता है? मिट्टी की सौंधी खुशबू, ठंडी हवा, खुश पक्षी और बच्चे! अब अपनी किताब में गोपालकृष्ण कौल की कविता “पहली बूँद” पढ़िए।
धरती जाग उठी (हमारे शब्दों में): पावस (वर्षा ऋतु) के पहले दिन जब पहली बूँद धरती पर गिरी, तो धरती से अंकुर फूट पड़ा, मानो नया जीवन अँगड़ाई लेकर जाग उठा हो। प्यासी धरती के सूखे होंठों पर बूँद अमृत जैसी लगी। धरती पर उगी हरी दूब ऐसी लगी जैसे खुशी से धरती के रोएँ खड़े हो गए हों और वह मुस्करा उठी हो।
बादल और बिजली: कवि को बादल ऐसे लगते हैं मानो आसमान में सागर उड़ रहा हो, और चमकती बिजलियाँ उसके सुनहरे पंख हों। गरजते बादल मानो नगाड़े बजाकर धरती की जवानी (तरुणाई) जगा रहे हैं।
आँख और आँसू: नीला आकाश कवि को एक बड़ी नीली आँख जैसा लगता है और काले बादल उसकी पुतली जैसे। करुणा से भरकर ये बादल आँसू (बारिश) बहाते हैं और धरती की बहुत पुरानी प्यास बुझा देते हैं। बूढ़ी, सूखी धरती फिर से हरी-भरी (शस्य-श्यामला) होने को ललचा उठती है। कवि से परिचय: गोपालकृष्ण कौल (1923–2007) ने बच्चों के लिए प्रकृति, देश-प्रेम और जीव-जंतुओं पर अनेक कविताएँ लिखीं।
खोजिए: कवि की कल्पना।
- हर पंक्ति को उसके अर्थ से मिलाइए।
Remember
- पहली बूँद से धरती पर अंकुर फूटे और हरी दूब मुस्काई।
- बादल = आसमान में उड़ता सागर; बिजली = सुनहरे पंख; गर्जना = नगाड़े; बारिश = करुणा के आँसू।
Quick check
“नव-जीवन की ले अँगड़ाई” किसके लिए आया है?
- अंकुर
- बादल
- बूँद
- पावस
Answer
अंकुर. बूँद गिरते ही अंकुर फूटा।
Think about it
पहली बारिश के बाद आपके आसपास क्या-क्या बदल जाता है?
One answer
मिट्टी से सौंधी खुशबू आती है, पेड़ धुलकर चमकने लगते हैं, मेंढक टर्राते हैं, गर्मी कम हो जाती है और बच्चे पानी में नाव चलाते हैं।
Practice
Practise with fresh questions at three levels (easy, medium, hard), some answered hands-on, with hints and worked answers. Get 4 of your last 5 right to finish the topic.