पढ़ें: धोखा और पश्चाताप
Class 6 Hindi · Chapter 4: हार की जीत · NCERT मल्हार section पृ. 35–38
Learn
धोखा: एक शाम बाबा सुलतान पर सवार होकर घूमने निकले। रास्ते में पेड़ की छाया में एक अपाहिज कराहता हुआ मिला और उसने विनती की कि उसे तीन मील दूर रामावाला गाँव तक पहुँचा दें। दयालु बाबा ने उसे घोड़े पर बिठाया और खुद लगाम पकड़कर पैदल चलने लगे। अचानक झटका लगा, लगाम छूट गई, और वह अपाहिज तनकर बैठा घोड़ा दौड़ा ले गया। वह कोई और नहीं, डाकू खड्गसिंह था!
बाबा की प्रार्थना: बाबा ने पुकारकर उसे रोका और कहा कि अब घोड़ा तुम्हारा हो चुका, मैं वापस नहीं माँगूँगा। उनकी बस एक प्रार्थना थी: यह घटना किसी को मत बताना। खड्गसिंह हैरान था। कारण पूछने पर बाबा बोले कि अगर लोगों को पता चला, तो वे किसी गरीब पर विश्वास नहीं करेंगे; दुनिया से विश्वास उठ जाएगा। फिर उन्होंने सुलतान की ओर से ऐसे मुँह मोड़ लिया मानो उससे कभी कोई संबंध न रहा हो।
हृदय-परिवर्तन: बाबा के शब्द खड्गसिंह के कानों में गूँजते रहे। उसने सोचा: कितने ऊँचे विचार हैं! जिस घोड़े के बिना वे रह नहीं सकते थे, उसके जाने पर भी उन्हें केवल यह चिंता है कि लोग गरीबों पर विश्वास करना न छोड़ दें। उसी रात खड्गसिंह चुपचाप मंदिर पहुँचा, अस्तबल का फाटक खुला था (अब बाबा को चोरी का डर नहीं रहा था)। उसने सुलतान को उसकी जगह बाँध दिया और फाटक बंद करके चला गया। उसकी आँखों में पश्चाताप के आँसू थे।
मिलन: भोर में बाबा आदतवश अस्तबल की ओर बढ़े, फिर याद आया कि घोड़ा तो चला गया, और रुक गए। तभी सुलतान ने मालिक के कदमों की आहट पहचानकर ज़ोर से हिनहिनाया! बाबा दौड़कर उससे लिपट गए, जैसे बिछड़ा पिता पुत्र से मिलता है। वे बोले: “अब कोई गरीबों की सहायता से मुँह नहीं मोड़ेगा।” उनके आँसू ठीक वहीं गिरे जहाँ खड्गसिंह खड़ा होकर रोया था; दोनों के आँसू उस मिट्टी में मिल गए।
खोजिए: कहानी का क्रम।
- कहानी की घटनाएँ क्रम से लगाइए।
Remember
- खड्गसिंह ने अपाहिज बनकर धोखे से घोड़ा छीना।
- बाबा के ऊँचे विचारों से उसका हृदय बदला और उसने घोड़ा लौटा दिया।
Quick check
बाबा भारती घटना को छिपाना क्यों चाहते थे?
- ताकि लोग गरीबों पर विश्वास करना न छोड़ें
- ताकि उनकी हँसी न उड़े
- ताकि डाकू पकड़ा न जाए
- ताकि घोड़ा मिल जाए
Answer
ताकि लोग गरीबों पर विश्वास करना न छोड़ें. उन्हें घोड़े से बढ़कर दुनिया के विश्वास की चिंता थी।
Think about it
दोनों के आँसुओं में क्या अंतर था?
One answer
खड्गसिंह के आँसू पश्चाताप (अपनी गलती पर दुख) के थे, और बाबा भारती के आँसू खुशी और राहत के थे कि घोड़ा भी लौटा और गरीबों पर विश्वास भी बना रहा।
Practice
Practise with fresh questions at three levels (easy, medium, hard), some answered hands-on, with hints and worked answers. Get 4 of your last 5 right to finish the topic.