पाठ से: समझ और कविता की रचना
Class 6 Hindi · Chapter 7: जलाते चलो · NCERT मल्हार section पृ. 62–65
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मिलकर करें मिलान: अमावस = अमावस्या, जिस रात चंद्रमा नहीं दिखता। पूर्णिमा = जिस रात पूरा चंद्रमा दिखता है। विद्युत-दिये = बिजली से जलने वाले बल्ब आदि। युग = समय, काल; चार युग माने गए हैं: सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलियुग। तिमिर = अँधेरा। निरंतर = लगातार।
सोच-विचार के लिए: अँधेरे के लिए कविता में कौन-से उदाहरण हैं? अमावस, निशा, तिमिर की शिला, तिमिर की सरिता (नदी), तूफ़ान। कविता में क्या आशा की गई है? कि एक दिन अँधेरा मिटेगा और सवेरा होगा, क्योंकि मनुष्य कभी हार नहीं मानता। किसे जलाने और किसे बुझाने की बात है? स्नेह भरे दीयों को जलाने और बिना स्नेह वाले बिजली के दीयों को बुझाने की।
कविता की रचना: कविता की हर पंक्ति को बोलने या गाने में लगभग बराबर समय लगता है; हाथ से ताल देकर गाइए और महसूस कीजिए। इस लय के कारण कविता प्रभावशाली बनती है। और विशेषताएँ: शुरू में दो पंक्तियाँ हैं, फिर हर छंद में चार और दो पंक्तियों का क्रम है, हर छंद की अंतिम पंक्ति “…मिलेगा” पर समाप्त होती है, और पूरी कविता आशा से भरी है।
मिलते भाव: “कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा” = समस्याओं से एक दिन छुटकारा ज़रूर मिलेगा। “जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर” = दूसरों के सुख के लिए प्रयास करते रहो। “दिन में भी अमावस-सी निशा” = दुनिया में सुख-शांति क्यों कम हो रही है? “बिना स्नेह विद्युत-दिये” = भलाई के बिना प्रगति का कोई लाभ नहीं।
खोजिए: मिलते-जुलते भाव।
- हर पंक्ति को उसके भाव से मिलाइए।
Remember
- अमावस = चाँद रहित रात, पूर्णिमा = पूरे चाँद की रात, तिमिर = अँधेरा, युग = काल।
- हर पंक्ति लगभग बराबर समय में गाई जाती है; यही लय कविता को प्रभावशाली बनाती है।
Quick check
“तिमिर” का अर्थ क्या है?
- अँधेरा
- उजाला
- तूफ़ान
- नदी
Answer
अँधेरा. तिमिर = अंधकार।
Think about it
दीये और तूफ़ान की “कहानी” कौन-सी हो सकती है?
One answer
अच्छाई और बुराई के संघर्ष की कहानी: बुराई बार-बार अच्छाई को बुझाने की कोशिश करती है, पर लोग फिर-फिर भलाई के दीये जलाते रहते हैं, और यह संघर्ष सदा चलता रहता है।
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