पढ़ें: हॉकी का जादूगर
Class 6 Hindi · Chapter 2: गोल · NCERT मल्हार section पृ. 14–15
Seekho
सफलता का राज़: लोग ध्यानचंद से उनकी सफलता का राज़ पूछते थे। उनका उत्तर था कि कोई गुरु-मंत्र नहीं है; लगन, साधना और खेल भावना ही सफलता के सबसे बड़े मंत्र हैं।
जीवन की यात्रा: ध्यानचंद का जन्म सन् 1905 में प्रयाग के एक साधारण परिवार में हुआ, बाद में परिवार झाँसी में बस गया। 16 वर्ष की उम्र में वे फ़र्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट में साधारण सिपाही बने। शुरू में उन्हें खेल में कोई रुचि नहीं थी, पर सूबेदार मेजर तिवारी बार-बार उन्हें हॉकी खेलने को कहते। छावनी में अभ्यास का कोई तय समय नहीं था; सैनिक जब चाहें खेलने लगते। धीरे-धीरे उनके खेल में निखार आया और तरक्की भी मिली।
बर्लिन ओलंपिक, 1936: ध्यानचंद (तब लांस नायक) भारतीय टीम के कप्तान बने। लोग उनके खेल से इतने प्रभावित हुए कि उन्हें “हॉकी का जादूगर” कहने लगे। फिर भी वे अक्सर गोल के पास गेंद साथी को दे देते ताकि उसे गोल का श्रेय मिले। भारत ने स्वर्ण पदक जीता। वे मानते थे कि हार या जीत उनकी नहीं, पूरे देश की होती है।
लेखक से परिचय: मेजर ध्यानचंद (1905–1979) ने अपनी आत्मकथा का नाम ही “गोल” रखा। भारत उनके जन्मदिन (29 अगस्त) को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाता है, और देश का सर्वोच्च खेल सम्मान “मेजर ध्यानचंद खेल रत्न” उनके नाम पर है। सोच-विचार: किन बातों से लगता है कि वे स्वयं से पहले दूसरों को रखते थे? (साथी को गोल का श्रेय देना; जीत को देश की जीत मानना।)
खोजिए: जीवन का क्रम।
- ध्यानचंद के जीवन की घटनाएँ क्रम से लगाइए।
Yaad rakho
- जन्म 1905 (प्रयाग), 16 वर्ष में सेना, 1936 बर्लिन ओलंपिक में कप्तान और स्वर्ण पदक।
- वे गोल का श्रेय साथियों को देते थे; उनका जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस है।
Quick check
ध्यानचंद के अनुसार सफलता के मंत्र क्या हैं?
- लगन, साधना और खेल भावना
- भाग्य
- धन
- महँगी स्टिक
Answer
लगन, साधना और खेल भावना. मेहनत और सही भावना ही असली मंत्र है।
Socho
ध्यानचंद जीत को “पूरे देश की जीत” क्यों मानते थे?
Ek answer
क्योंकि वे अपने लिए नहीं, देश के लिए खेलते थे; टीम के हर खिलाड़ी की मेहनत और देश के लोगों की उम्मीदें उस जीत में शामिल होती हैं।
Practice
Teen levels (easy, medium, hard) ke naye sawaalon se practice karo, kuch hands-on, hints aur hal ke saath. Topic poora karne ke liye pichhle 5 mein se 4 sahi karo.