पाठ से आगे: खेल, डायरी और डाँडी
Class 6 Hindi · Chapter 2: गोल · NCERT मल्हार section पृ. 19–24
Seekho
आपकी बात और समाचार-पत्र से: आपको कौन-से खेल और खिलाड़ी सबसे अच्छे लगते हैं, और क्यों? अखबार के खेल पृष्ठ से अपनी पसंद का एक समाचार अपनी पुस्तिका में लिखिए। फिर समूह में खेल-संवाददाता बनकर किसी खेल का आँखों देखा हाल (कमेंट्री) पाँच मिनट तक सुनाइए, जैसे रेडियो या टीवी पर सुनाया जाता है: “गेंद अब कप्तान के पास… वह आगे बढ़ा… और यह रहा गोल!”
डायरी का प्रारंभ: कुछ लोग रोज़ अपने विचार, अनुभव और दिन की घटनाएँ ईमानदारी से लिखते हैं; इसे डायरी लिखना कहते हैं। माध्यम चुनिए (पुस्तिका या ऑनलाइन), जब मन करे तब लिखिए, शब्दों की कोई सीमा नहीं; बस उचित और शालीन शब्दों में लिखिए। ऊपर तारीख लिखना न भूलें।
झरोखे से: डाँडी या गोथा। यह भील-भिलाला बच्चों का खेल है, जो काफ़ी-कुछ हॉकी जैसा है। सामग्री: बाँस के गुट्टे की गेंद (दुइत), नीचे से “L” की तरह मुड़ी बाँस की डंडियाँ (गोथा), और राख से मैदान का सीमांकन। दोनों दलों में कम से कम दो-दो खिलाड़ी। गोलपोस्ट नहीं होते: जो दल गेंद को सबसे ज़्यादा बार विरोधी के पाले में ढकेलता है, वही जीतता है। नियम: गेंद को शरीर से न छूना और हवाई शॉट न मारना। यह खेल होली से कुछ दिन पहले खेला जाता है, और होलिका दहन के दिन दुइत और गोथे आग में डाल दिए जाते हैं।
पढ़ने के लिए: “एक दौड़ ऐसी भी” (हमारे शब्दों में): एक विशेष सौ मीटर दौड़ में एक छोटा बच्चा गिरकर रो पड़ा। बाकी सभी धावक लौट आए, उसे उठाया और हाथ पकड़कर साथ दौड़े। सब एक साथ पहुँचे, तो निर्णायकों ने सबको स्वर्ण पदक दिया। साझी समझ: अपने किसी स्वदेशी खेल के नियम ऐसे लिखिए कि कोई भी बच्चा पढ़कर खेल सके।
खोजिए: हॉकी या डाँडी?
- हर बात को सही खेल से मिलाइए।
Yaad rakho
- डायरी में अपने विचार और अनुभव ईमानदारी से, तारीख के साथ लिखते हैं।
- डाँडी या गोथा भील-भिलाला बच्चों का हॉकी जैसा खेल है, बिना गोलपोस्ट का।
Quick check
डाँडी खेल में जीत कैसे तय होती है?
- गेंद को ज़्यादा बार विरोधी के पाले में ढकेलकर
- गोल गिनकर
- टॉस से
- दौड़ से
Answer
गेंद को ज़्यादा बार विरोधी के पाले में ढकेलकर. इसमें गोलपोस्ट नहीं होते।
Socho
अपनी आज की डायरी की पहली दो पंक्तियाँ लिखिए।
Ek answer
जैसे: “22 अक्टूबर। आज खेल के घंटे में हमने कबड्डी खेली। मैं हार गया, पर मुझे बहुत मज़ा आया और मैंने एक नई चाल सीखी।”
Practice
Teen levels (easy, medium, hard) ke naye sawaalon se practice karo, kuch hands-on, hints aur hal ke saath. Topic poora karne ke liye pichhle 5 mein se 4 sahi karo.