पढ़ें: पानी, वाणी, विपत्ति और सच्चे मित्र
Class 6 Hindi · Chapter 5: रहीम के दोहे · NCERT मल्हार section पृ. 46–47
Seekho
दोहा 4: “रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून।।” यहाँ पानी के तीन अर्थ हैं: मोती के लिए चमक (चमक गई तो मोती बेकार), मनुष्य के लिए सम्मान/इज़्ज़त (सम्मान गया तो कुछ नहीं बचता), चूने के लिए जल (पानी के बिना चूना किसी काम का नहीं)। इसलिए अपना “पानी” बचाकर रखो।
दोहा 5: “रहिमन बिपदाहू भली, जो थोरे दिन होय। हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय।।” भाव: थोड़े दिनों की विपदा (मुसीबत) भी अच्छी है, क्योंकि उसी समय पता चलता है कि दुनिया में कौन हमारा हितैषी है और कौन नहीं।
दोहा 6: “रहिमन जिह्वा बावरी, कहि गइ सरग पताल। आपु तो कहि भीतर रही, जूती खात कपाल।।” भाव: यह जीभ पगली है; न जाने क्या-क्या (स्वर्ग-पाताल की) बातें कह जाती है। खुद तो कहकर मुँह के भीतर छिप जाती है, पर उसकी कही बातों की सज़ा सिर को भुगतनी पड़ती है। सीख: सोच-समझकर बोलो।
दोहा 7: “कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत। बिपति कसौटी जे कसे, ते ही साँचे मीत।।” भाव: जब हमारे पास धन होता है, तब बहुत लोग तरह-तरह से सगे बन जाते हैं। पर विपत्ति की कसौटी पर जो खरे उतरें, वही सच्चे मित्र हैं। (कसौटी वह पत्थर है जिस पर सोना घिसकर परखा जाता है।)
खोजिए: “पानी” के तीन अर्थ।
- हर शब्द को “पानी” के सही अर्थ से मिलाइए।
Yaad rakho
- “पानी” के तीन अर्थ: मोती की चमक, मनुष्य का सम्मान, चूने का जल।
- थोड़ी विपदा अपने-पराए की पहचान कराती है; जीभ से सोच-समझकर बोलो; सच्चा मित्र विपत्ति में परखा जाता है।
Quick check
रहीम के अनुसार सच्चे मित्र कौन हैं?
- जो विपत्ति में साथ दें
- जो धन होने पर आएँ
- जो उपहार दें
- जो रोज़ मिलें
Answer
जो विपत्ति में साथ दें. विपत्ति ही मित्रता की कसौटी है।
Socho
क्या आपने कभी किसी मित्र को मुश्किल में साथ देते देखा है? बताइए।
Ek answer
जैसे: जब मेरा पैर टूट गया था, मेरा दोस्त रोज़ स्कूल का काम घर लाकर समझाता था। तब मुझे रहीम का दोहा सच लगा कि सच्चा मित्र विपत्ति में पहचाना जाता है।
Practice
Teen levels (easy, medium, hard) ke naye sawaalon se practice karo, kuch hands-on, hints aur hal ke saath. Topic poora karne ke liye pichhle 5 mein se 4 sahi karo.