शब्दों के रूप: ब्रजभाषा से आज की हिंदी
Class 6 Hindi · Chapter 9: मैया मैं नहिं माखन खायो · NCERT मल्हार section पृ. 98–100
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शब्दों के रूप: पद के कई शब्द आज हम थोड़ा अलग बोलते-लिखते हैं: पाछे = पीछे, परे = पड़े, छोटो = छोटा, बिधि = विधि, भोरी = भोली, कछु = कुछ, लै = लेकर, नहिं = नहीं, भयो = हुआ, आयो = आया।
शब्द-अर्थ: उपजि = उत्पन्न होना, जानि = जानकर, जायो = जन्मा, जिय = मन, पठायो = भेज दिया, पतियायो = विश्वास किया, बहियन = बाँहें, बिधि = प्रकार, तरीका, बिहँसि = मुस्कराकर, भटक्यो = इधर-उधर भटका, लपटायो = लगा दिया, पोत दिया।
वर्ण-परिवर्तन: “तू माता मन की अति भोरी”: भोरी का अर्थ है भोली। यहाँ “ल” की जगह “र” आ गया। पद में “ड़” और “र” का बदलाव भी है: परे = पड़े। बोलियों में ऐसे वर्ण-परिवर्तन आम हैं।
पंक्ति से पंक्ति (भावार्थ): “मैं बालक बहियन को छोटो…” = मैं छोटा बालक हूँ, छीके तक कैसे पहुँचूँ? “ग्वाल-बाल सब बैर परे हैं…” = ये सखा मुझसे बैर रखते हैं, इन्होंने ज़बरदस्ती मेरे मुँह पर माखन लगा दिया। “तू माता मन की अति भोरी…” = माँ, तुम बहुत भोली हो, इनकी बातों में आ गईं। “जिय तेरे कछु भेद उपजि है…” = तुम्हारे मन में कोई भेद है, जो मुझे पराया समझ लिया।
खोजिए: ब्रजभाषा से आज की हिंदी।
- हर शब्द को उसके आज के रूप से मिलाइए।
Remember
- पाछे = पीछे, भोरी = भोली, कछु = कुछ, लै = लेकर, नहिं = नहीं।
- भोरी में “ल” की जगह “र” और परे में “ड़” की जगह “र”: यह वर्ण-परिवर्तन है।
Quick check
“पतियायो” का अर्थ क्या है?
- विश्वास किया
- पत्ता तोड़ा
- भेज दिया
- पीट दिया
Answer
विश्वास किया. “इनके कहे पतियायो”: इनकी बात मान ली।
Think about it
“भोरी” की तरह “ल” से “र” बदलने वाला कोई और शब्द सोचिए।
One answer
जैसे बोलियों में “काला” को “कारा” और “बाल” को “बार” बोलना; ब्रजभाषा में “कारो कान्हा” प्रसिद्ध है।
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